एक तकनीकी
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उत्तर प्रदेश, भारत
बनी हुई एप्लिकेशन का मालिक कौन होता है?
अंतिम भुगतान पूरा होते ही कोडबेस, कस्टम डिज़ाइन, डेटा मॉडल और डिप्लॉय एसेट के पूरे स्वामित्व अधिकार आपकी कंपनी को हस्तांतरित हो जाते हैं।
AI फ़ीचर्स चलने पर हमारा डेटा कहाँ जाता है?
जहाँ आप तय करें। डिफ़ॉल्ट रूप से हम ऐसे मॉडल प्रोवाइडर इस्तेमाल करते हैं जो API ट्रैफ़िक पर ट्रेनिंग नहीं करते, एम्बेडिंग और दस्तावेज़ आपके अपने Postgres में रखते हैं, और जब डेटा बाहर नहीं जाना चाहिए तब आपके इंफ़्रास्ट्रक्चर पर ओपन-वेट मॉडल चला सकते हैं।
संवाद कैसे चलाया जाता है?
आपके सिस्टम को बनाने वाले इंजीनियरों तक सीधा साझा WhatsApp या Slack चैनल, हर रिलीज़ का लिखित चेंजलॉग और एक छोटी साप्ताहिक रिव्यू कॉल।
एक सामान्य प्रोजेक्ट की समय-सीमा क्या होती है?
फ़ोकस्ड टूल और मार्केटिंग साइट आमतौर पर लगभग चार हफ़्ते में शिप हो जाती हैं। मल्टी-टेनेंट प्लेटफ़ॉर्म की पहली प्रोडक्शन रिलीज़ क़रीब 10–16 हफ़्तों में आती है, और रास्ते में हर हफ़्ते लाइव प्रीव्यू पर चलते-फिरते इंक्रीमेंट मिलते हैं।
क़ीमत कैसे तय होती है?
फ़िक्स्ड-स्कोप काम का कोटेशन डिस्कवरी के बाद प्रति प्रोजेक्ट दिया जाता है; निरंतर काम स्प्रिंट क्षमता के अनुसार तय मासिक रिटेनर पर चलता है।
आप किस तकनीकी स्टैक पर बनाते हैं?
समस्या के हिसाब से चुना गया, और जहाँ हो सके वहाँ सादा: बैकएंड पर FastAPI और pgvector के साथ Postgres, वेब पर Angular या React, iOS और Android के लिए Flutter, और AI फ़ीचर्स के पीछे Claude, OpenAI या ओपन-वेट मॉडल — हर काम के हिसाब से चुने गए, बाद में बदले जा सकने वाले।
लॉन्च के बाद क्या सपोर्ट मिलता है?
लॉन्च के बाद तय सपोर्ट अवधि में लॉग समीक्षा, लेटेंसी मॉनिटरिंग और स्केलिंग पॉलिसी में बदलाव शामिल हैं; उसके बाद ज़िम्मेदारी आपकी टीम को सौंप दी जाती है।